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Sereolsar Lake:Kullu-Himachal Pradesh-himachalnewsline

उत्तरी भारत का यह खुबसूरत राज्य हिमाचल प्रदेश देश और दुनिया भर मे देवभूमि के नाम से जाना जाता है । अपने आप मे कई रहस्यों को छिपाये ये देवभूमि हमेशा से ही पर्यटको को और बड़े-बड़े रिस्अर्चेर्स को अपनी ओर आकर्षित करती रही है। आज के इस पोस्ट मे हम आपको मिस्टीरियस सरयोलसर(सरोबर) झील के बारे मे बताने बाले है जिसको जानने के बाद आप यकीनन आश्चर्यचकित होने वाले है। यह झील देवभूमि हिमाचल प्रदेश जिला कुल्लू के अंतर्गत बाहरी सेराज घाटी में एक उच्च ऊंचाई वाली झील है। झील समुद्र तल से लगभग 3,100 मीटर (10,171 फीट) ऊपर है और देवदार के घने जंगल से घिरी हुई है। जालोरी दर्रे से लगभग 5 किमी दूर स्थित इस झील में कई रहस्य हैं। इस जगह पर कई प्राचीन रहस्यमयी चीजें छिपी हुई हैं। इस कारण झील को मिस्टीरियस सरयोलसर सरोवर (Sereolsar Lake)भी कहा जाता है। सरयोलसर झील(Sereolsar Lake) के बिलकुल समीप एक प्राचीन मंदिर स्थित है । स्थानीय लोगो की आस्था का केंद्र यह प्राचीन मंदिर देवी नागमाता ( बूढी नागिन) का बताया जाता है । हर साल इस मंदिर के दरवाजे बर्फीले दिनों के दौरान बंद रहते हैं, जिन्हें बैसाख संक्रांति के दिन खोला जाता है। ऐसी मान्यता है की देवी नागमाता सरयोलसर झील के बिलकुल गर्भ मे सवर्न महल में निवास करती है।

सरयोलसर-झील में नहीं है कोई गंदगी सीसे की तरह साफ़ है पानी

चारो तरफ घना जंगले होने के बावजूद भी झील का पानी बिलकुल भी गन्दा नहीं है झील का पानी सीसे की तरह बिलकुल साफ़ है और यह किसी चमत्कार से कम नहीं है स्थानीय लोगो के अनुसार जब भी कोई भी चीज या बस्तु झील मे आ गिरती है तो एक पक्षी का जोड़ा तुरंत आकर उसको झील से हटा देता है और झील को हमेशा साफ़ रखते है और कई लोग इस घटना को देखने का दावा भी कर चुके है यह पूर्णतह सच है की इतनी बड़ी झील मे हमे किसी भी परकार का कोई वृक्ष का पता या फिर गंदगी देखने को नहीं मिलती है यह प्रक्रिया पता नहीं कितने युगों से निरंतर चली आ रही है जो एक अनोखे रहस्य को दर्शाता है।

सरयोलसर-झील में चारों तरफ देसी घी की धारा चढ़ाने की है परंपरा।

इस झील में एक पुरानी नागिन का विश्राम स्थल भी है। इस सांप को मक्खन और घी खाकर जीवित बताया गया है। इसलिए पुरखो द्वारा चली आ रही परम्परा के अनुसार सथानीय लोगो द्वारा इस झील में चारों तरफ से देसी घी की धारा चढ़ाइ जाती है यहाँ के निवासी भी अपनी गाय के घी का सेवन चढ़ाए बिना नहीं करते हैं।

सरयोलसर-झील मे है जाने की है मनाही।

ऐसा माना जाता है कि झील के अंदर एक महल भी है, जो इस पुराने साँप का है। सर्प को छोड़कर कोई यहाँ नहीं जा सकता, क्योंकि यदि कोई उस सरोवर में स्नान करता है, तो उसकी मृत्यु हो जाती है। इसलिए लोगों को यहां स्नान करने से रोका जाता है।


Sereolsar Lake all photos

यह सरयोलसर झील का रहस्य था - मै जानता हूँ इन सभी रहस्यों को स्वीकार करने का मन नहीं करता है, लेकिन यह सब आंखों के सामने होता है।





















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